दिलजीत दोसांझ की बहुप्रतीक्षित और लंबे समय से विवादों में रही फिल्म ‘‘सतलुज’’ (पूर्व नाम: पंजाब 95) को रिलीज के महज दो दिन बाद ही ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘जी5’ (Zee5) से हटा दिया गया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित यह फिल्म पिछले तीन साल से सेंसरशिप के विवाद में फंसी हुई थी। शुक्रवार को इसे बिना किसी कट के रिलीज किया गया था, लेकिन रविवार शाम को अचानक इसे प्लेटफॉर्म से गायब कर दिया गया।
हनी त्रेहान निर्देशित ‘‘सतलुज’’ को शुक्रवार को बिना किसी काट-छांट के जी5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन रविवार शाम को ओटीटी मंच ने एक बयान जारी कर दर्शकों को जानकारी दी कि यह फिल्म अब भारत में दर्शकों के लिए उपलब्ध नहीं है।
बयान में कहा गया है, “मौजूदा हालात को देखते हुए ‘सतलुज’ अगली सूचना तक भारत में उपलब्ध नहीं होगी। हम सभी उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए हर संभव विकल्प तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि इस फिल्म को जल्द से जल्द दर्शकों तक फिर से पहुंचाया जा सके।’’ इसमें कहा गया है कि रिलीज के बाद से ‘‘सतलुज’’ को जो प्रतिक्रिया मिली है, वह वाकई जबरदस्त है। ‘‘सतलुज’’ में दिलजीत ने खालड़ा का किरदार निभाया है, जिन्होंने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जांच की थी। इसके बाद, 1995 में खालड़ा लापता हो गए थे।
