मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। महिला के परिजन शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल के बाहर एंबुलेंस या शव वाहन का इंतजार करते रहे। काफी देर तक इंतजाम नहीं होने के बाद परिवार को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए।
मामला उस वक्त चर्चा में आया, जब कचरा उठाने वाले वाहन में शव ले जाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली और सरकारी अस्पतालों में मरीजों तथा मृतकों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे।
किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके शव को सम्मानजनक तरीके से अंतिम गंतव्य तक पहुंचाना परिवार के लिए बेहद संवेदनशील प्रक्रिया होती है। ऐसे में शव वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने और कचरा वाहन के इस्तेमाल की तस्वीर ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सवाल यह है कि सरकारी अस्पताल में शव परिवहन की व्यवस्था क्यों उपलब्ध नहीं थी? क्या अस्पताल प्रशासन के पास इसके लिए कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं था? घटना का वीडियो सामने आने के बाद संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर भी लोगों की नजर है।
