हिमाचल प्रदेश में मानसून ने फिर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। लगातार वर्षा के कारण शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्यभर में करीब 210 सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शनिवार को प्रदेश की ऊंची चेटियों रोहतांग, शिंकुला अैर बारालाचा में हल्का हिमपात हुआ है। जबकि शिमला सहित प्रदेश के कई सथानों पर वर्शा हुई है। बीते कई दिनों से लगातार हो रही वर्षा के बीच राजधानी शिमला के रामनगर में एक भवन पूरी तरह ढह गया।
कुल्लू जिले में मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर घटीगाड़ के पास लगातार भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित है। पिछले वर्ष भी मानसून के दौरान यह मार्ग कई दिनों तक बंद रहा था। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की अपील की है। इसके साथ नदी और नालों के नजदीक न जाने की सलाह दी है।
स्थानीय लोगों, पर्यटकों, श्रमिकों और नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने तथा नदी के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। होटल, होमस्टे, गेस्ट हाउस संचालकों और टैक्सी चालकों से भी पर्यटकों को चेतावनी देने को कहा गया है।
